मंत्रिमंडल निर्णय

"शैडो गवर्नमेंट बिहार" के 4 अप्रैल 2021 को हुए 'शैडो केबिनेट' का निर्णय:
1. 'बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021' को सामाजिक हित में निरस्त किया जाए। बिहार में ऐसा कोई कारण नहीं है जिसके आधार पर पुलिस को इतनी बड़ी शक्ति दी जाने की जरूरत है जिसके दुरुपयोग की बड़ी आशंका है।
2. शैडो गवर्नमेंट बिहार "प्राइवेट एजुकेशन रेगुलेटरी अथॉरिटी" (PERA) बनाए जाने की अनुशंसा करती है। निजी विद्यालय की फीस वसूलने का आधार एवं उनके न्यूनतम मानक को दी जाने वाली सुविधाओं के सापेक्ष में तय करने की जरूरत है। कोविड की वर्तमान परिस्थितियों में लगातार आर्थिक संकट में जी रहे मध्यम एवं निम्न वर्ग के परिवारों के बच्चों से 'जबकि विद्यालय सुचारू रूप से नहीं चली है' कितने प्रतिशत फीस लिया जाना चाहिए? बेलगाम चल रहे इन निजी विद्यालयों के प्रबंधक को कोई यह भी कहने वाला नहीं है कि आप कम से कम कोविड पीरियड में नो प्रॉफिट नो लॉस के कंसेप्ट पर अपनी संस्था को चलाएं।


"शैडो गवर्नमेंट बिहार" का २५ जनवरी को हुए 'कैबिनेट बैठक' का निर्णय:
1.राज्य के खाली शिक्षक पद पर 'सभी नियोजन इकाई' शिक्षकों को ३० कार्य दिवस के अंदर नियुक्ति पत्र दें। शिक्षक अपने प्रमाणपत्र के सही होने का सत्यापन फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट से एफिडेविट करवा कर दें। शिक्षकों के नियुक्ति के ९० कार्य दिवस के अंदर 'नियोजन इकाई' शिक्षकों के प्रमाण पत्र की जांच पूरी करें।
2. "आर्थिक एवं साईबर अपराध प्रभाग" द्वारा २१ जनवरी को जारी किए गए ज्ञापांक १३/२०२१ में विभाग "आपत्तिजनक/अभद्र" को पारिभाषित करें एवं इसकी सीमा स्पष्ट करे ताकि 'मानक दिशानिर्देश' के अभाव में इस आदेश का 'एक्टिविस्टों' पर या 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' पर अनुचित प्रयोग को रोका जाए।


शैडो कैबिनेट बिहार की 3 जनवरी 2021 बैठक का निर्णय:
1. मुंगेर जिले में दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान हुए गोलीकांड में निर्वाचन आयोग द्वारा तत्कालीन एसपी लिपि सिंह को हटा दिया गया था। साथ ही सरकार द्वारा मगध प्रमंडल के कमिश्नर के नेतृत्व में जांच कमेटी बनी थी जिसकी रिपोर्ट 7 दिन में आने की बात कही गई थी। यह रिपोर्ट अभी तक पब्लिक डोमेन में नहीं आई है सरकार अबिलंब इस रिपोर्ट को पब्लिक डोमेन में लाए और यदि अभी रिपोर्ट नहीं आई है तो ऐसी परिस्थिति में संगत एसपी लिपि सिंह को किसी भी जिम्मेदारी से मुक्त रखे।
2. बिजली कंपनी द्वारा 'बिहार विद्युत विनियामक आयोग' को सौंपी गई याचिका में 8 से 10% की वृद्धि का प्रस्ताव है साथ ही फिक्स्ड चार्ज को डेढ़ गुना से दो गुना बढ़ाने की बात है। 'शैडो कैबिनेट बिहार" का प्रस्ताव है बिजली कंपनियों के आय व्यय की ऑडिट के आधार पर इस प्रस्ताव की समीक्षा हो। तत्पश्चात् दर में वृद्धि संबंधित कोई भी निर्णय ली जाए।
3. आशा, सेविका व एएनएम द्वारा घर-घर जाकर कुपोषित बच्चों की पहचान करने के 'बिहार सरकार' के निर्णय का "शैडो केबिनेट बिहार" सराहना करती है एवं उम्मीद करती है कि इस डाटा के आधार पर सभी संगत जरूरी कदम उठाए जाएंगे।


25 दिसंबर को "शैडो गवर्नमेंट बिहार" कैबिनेट का फैसला:
1.योजनाबद्ध तरीके से पूरे बिहार में पांच टायर वन, बीस टायर टू और पच्चीस टायर थ्री शहर विकसित की जाए। इस पर विस्तृत ड्राफ्ट रिपोर्ट के लिए 'श्री अमित विक्रम, श्री अवनिश, श्री अरविन्द, श्री अमरजीत सिंह और श्री नीरज सिंह' के कमिटी को जिम्मेदारी दी गई। 15 दिनों के अंदर ये कमेटी ड्राफ्ट रिपोर्ट करेंगी।
2. बिहार में बिजली के उत्पादन में रूफ आधारित सोलर मॉडल को बढ़ावा देने के लिए योजना बननी चाहिए।


18 दिसंबर 2020 के "शैडो गवर्नमेंट बिहार" के कैबिनेट फैसले:
1. आगामी 27 दिसंबर को आयोजित बीपीएससी की परीक्षा में वर्तमान परीक्षा केंद्रों को रद्द कर सभी छात्रों को उनके गृह जिले अथवा उनके गृह जिले की सीमा से लगे जिलों में परीक्षा केंद्र दिया जाए ताकि कोविड के कारण बाधित यातायात व्यवस्था में परीक्षा केंद्र पर सुगमता से छात्र जा सकें।
2. केंद्र सरकार द्वारा बिहार को आवंटित कोयला के बंदरबांट को रोकने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 'खनिज एवं पर्यावरण मंत्री' इंजीनियर अवनिश के नेतृत्व में 'शैडो गवर्नमेंट बिहार' इस पर साक्ष्य और सूचना जुटा कर आगे की योजना बनाएंगे।
3. बिहार सरकार के 15 दिसंबर 2020 को हुई कैबिनेट बैठक के सभी निर्णयों की समीक्षा की गई। इसमें निर्णय संख्या एक में कोर्ट के अस्थाई डाटा एंट्री ऑपरेटर के अवधि विस्तार पर "शैडो गवर्नमेंट बिहार" की टिप्पणी है कि 'न्यायालय, भर्ती आयोग एवं अन्य गोपनीय विभाग' में अस्थाई नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। सरकार इनको रेगुलराइज करें या इनके स्थान पर बहाली करें। इन सभी जगहों पर अस्थाई नौकरियों से गोपनीयता पर संशय होता है और कम मानदेय पर कार्यरत कर्मियों से भ्रष्टाचार का डर रहता है।


11 दिसंबर 2020 (शुक्रवार) को शैडो गवर्नमेंट बिहार के कैबिनेट का फैसला:
1. कोरोना संक्रमण की PCR जांच अधिकाधिक मात्रा में हो। इसे डोर टू डोर करने की व्यवस्था हो। ऐंटीजेन टेस्ट की जगह पीसीआर टेस्ट हो।
2. निजी हॉस्पिटल/नर्सिंग होम पर कोरोना के इलाज के लिए सरकार द्वारा तय दर से अधिक वसूलने पर कार्रवाई की जाएगी। "डॉ रत्नेश चौधरी, श्री सुरेन्द्र रंजन और श्री रंजीत" की कमेटी दो दिनों में यह जानकारी दें कि कुछ माह पूर्व सरकार द्वारा तय दर अभी मानक है या इसे बदला जाए।
3. सड़क किनारे रहने वाले भिखारियों, झोपड़ पट्टी एवं कुछेक अलग-अलग ग्रामीण मोहल्ले में 100-100 लोगों का सैंपल जांच कर यह देखा जाए कि सामान्य औसत से इन सबों में संक्रमण कितनी ज्यादा या कम है।
4. राजधानी पटना में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने हेतू बेसिक सुविधा वाले क्षेत्रों को अन्य शहर में बढ़ावा दिया जाए। इसके अलावा ग्रेटर पटना (विस्तारित पटना) की कार्य-योजना में तेजी लाई जाए।


'शेडो गवर्नमेंट बिहार' के 04 दिसंबर 2020 के कैबिनेट बैठक का निर्णय :
1. सभी जिला अधिकारी 3 दिनों के अंदर सभी पैक्स को धान की खरीदारी हेतु दिशा निर्देश एवं फंड जारी करें। किसानों को एमएसपी का कम से कम 60% नगद भुगतान किया जाए तथा शेष बकाया राशि का भुगतान एक माह के अंदर किया जाए।
2. विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए राज्य के सभी भर्ती आयोगों को संगत प्रतियोगिता में '100 कार्य दिवस दिन प्रति चरण' के अंदर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होगी। 'शिक्षा एवं रोजगार मंत्री' 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट पेश करें कि क्या तय तिथि के अंदर नियुक्ति नहीं होने पर प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों को ₹100 प्रतिदिन का जुर्माना भत्ता या संगत भर्ती बोर्ड के मुख्य पदाधिकारी के वेतन प्रमोशन आदि में रोक का प्रावधान किया जा सकता है।
3. दसवीं कक्षा से ऊपर के सभी बच्चों के कॉलेज/स्कूल/कोचिंग को कोरोना वायरस की सावधानियों के साथ अधिकतम 40 बच्चे प्रति कक्षा की दर से पढ़ाई शुरू करने की इजाजत दी जाती है।
4. राज्य में ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियान के लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाए। माननीया मंत्री जबीन शम्स निज़ामी जी को इस कमेटी का संयोजक नियुक्त किया जाता है।


25 नवंबर को शैडो कैबिनेट के प्रथम बैठक का महत्वपूर्ण निर्णय:
1. बिहार नीति आयोग का गठन करने का निर्णय लिया गया।
2. विधान परिषद में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को राज्यपाल नामित करते हैं लेकिन पिछले कुछ समय से हर क्षेत्रों से सिर्फ राजनीति के लोगों को नामित किया जा रहा है। शैडो गवर्नमेंट की मुख्यमंत्री बिहार के महामहिम राज्यपाल को पत्र लिखकर इस ओर ध्यान आकृष्ट करें।
3. प्रत्येक मंत्री को मॉडल स्तर पर जिला बार प्रभार दिया जाए।