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हम बिहार को एक सुंदर-सटीक-संपन्न भविष्य के पथ पर लेकर चलने को प्रतिबद्ध हैं|

जिन्दाबाद साथियों, 'जागो' संकल्प है-बिहार के अभिशप्त राजनैतिक /समाजिक मुक्ति की | यह प्रकरण है बिहार के नवनिर्माण की | यह धारा होगी बिहार के सभी सामाजिक स्वरुप को साथ लेकर चलने की | यह मंच होगा बिहार के सत्य, अहिंसा और जनसरोकार से जुड़े सभी ईमानदार साथियों का |

साथियों लोकतंत्र की संसदीय राजनीति कुशल पक्ष और मजबूत विपक्ष की अवधारणा से चलती है | इस परिप्रेक्ष्य में यदि बिहार को देखा जाए तो शुन्य हाथ आता है | अकर्मण्य पक्ष और नकारे विपक्ष के बोझ से अभिशप्त हमारा बिहार वर्तमान दौर में सामाजिक ,आर्थिक और राजनैतिक मानकों से काफी नीचे है| सिर्फ नाममात्र की शिक्षा व्यवस्था, बदहाल स्वास्थ्य सेवा, भाग्य भरोसे कृषि, उपेक्षित जल संसाधन, चरम लालफीताशाही वाले ब्युरोक्रट्स, कमीशनखोर राजनेता तथा प्रतिदिन सैकड़ों-हजारों के आंकडों में होने वाले अपराध के राज्य बिहार की वर्तमान दास्तान इस ऐन-केन-प्रकारेण कुर्सी पर बने रहने वाले सत्ताधीशों की उपल्ब्धियां हैं| इतना पर भी उनके सत्ता में बने रहने का कारण बिहार की राजनीति में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, पर्यावरण, सामाजिक सुरक्षा जैसे मूल मुद्दों के स्थान पर जाति और धर्म आधारित समीकरणों का गणित हैं|

अब प्रश्न उठता है कि ऐसे में बिहार क्या करें? मानक विकल्प कौन होगा? इसी प्रश्न के संगत में आइए पुरे बिहार से सत्य, अहिंसा और जनसरोकार से जुड़े सभी ईमानदार जन आगे बढ कर इन तथाकथित समीकरणों के स्थान पर बिहार को इसकी संभावनाओं पर तलाशने की कोशिश करें| हम आमजनों की आस्था को किसी समीकरण आधारित दल की जगह संविधान में पिरोने का प्रयत्न करें| इस सांगठनिक स्वरुप में हमलोग सरकार एवं आमजन दोनों को जगाने की कोशिश करेंगे|

वोट बैंक/ कमीशन आधारित ठेके पट्टे/गठबंधन की मजबूरी के बीच सिसकते 'कैबिनेट निर्णय' एवं सरकार की नीति को हमलोग "शैडो गवर्नमेंट" के माध्यम से आदर्श 'निर्णय और नीति' के साहस की छाया दिखलाएंगे| 'शैडो गवर्नमेंट बिहार' के अंतर्गत 'बिहार नीति आयोग' के छाया स्वरुप की स्थापना कर हमलोग बिहार की नीतियों को इसके संसाधन, क्षमता और संभावना के आधार पर विकसित करेंगे और इस पर खुले विमर्श को आयोजित कर इसे परिपक्व करेंगे|

"जागो" कोर और इसकी विभिन्न ईकाइयां आमजनों को बिहार की वास्तविक स्थिति और सामर्थ्य से अवगत करा उन्हें जगाएंगी और संगठित करेगी| आमजनों में मूल मुद्दों को रुचिकर बनाने हेतु विभिन्न कार्यक्रम, गोष्ठि और सम्मेलन का आयोजन करेंगी|

आइए बदलाव और निमार्ण के इस यज्ञ से जुड़िए ताकि हम बिहार को एक सुंदर-सटीक-संपन्न भविष्य के पथ पर लेकर चल सकें|

भारत के संविधान में जिस आदर्श मानक कल्याणकारी सरकार की कल्पना की गयी है उसी कल्पना के शैडो के रुप में 'जागो' के तत्वावधान में 'शैडो गवर्नमेंट बिहार' एक आदर्श सरकार की कार्य-योजना, कार्य-पद्धति और नीतियों का मांडल हमलोग प्रस्तुत करेंगे| बिहार के विकास के अवरोधक विन्दुओं एवं इसके संगत समाधान को सरकार एवं जनता के सामने रिसर्च एवं व्यवहार के आधार पर पब्लिश किया जाएगा|

हमारी विचारधारा

शिक्षा

सबके लिए सहज, सुलभ, समान और सार्थक शिक्षा व्यवस्था को हम राज्य की जिम्मेदारी मानते हैं। हम किसी भी परिस्थिति में शिक्षण संस्थानों और शिक्षकों की दो भिन्न प्रकार की क्वालिटी स्वीकार नहीं कर सकते। इसके लिए हमें शिक्षित लोगों में से उत्कृष्ट व्यक्तित्व को शिक्षक पेशे के लिए अग्रीम पंक्ति का वेतन, सुविधा एवं सम्मान देकर लाना होगा। बिहार बोर्ड एवं राज्य के विश्वविद्यालयों को मात्र सर्टिफिकेट देने वाली प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका से निकालकर शिक्षा जगत के आदर्श संस्थान के रूप में बदलने को 'जागो' संकल्पित है। वर्तमान समय में हमारी शिक्षा व्यवस्था का व्यवहारिक पक्ष निजी क्षेत्र पर निर्भर है। हम यह मानते हैं कि शिक्षा व्यवस्था के सभी तत्वों पर सरकार का नियंत्रण रहनी चाहिए एवं इसके मद्देनजर प्राइवेट एजुकेशन रेगुलेटरी अथॉरिटी (PERA) बनाने की मांग करते हैं। 'शिक्षा' हवा-पानी की तरह होनी चाहिए इसे सोना-चांदी जैसा बनाना नैतिक और संवैधानिक दोनों दृष्टिकोण से गुनाह है।

स्वास्थ

अपने नागरिकों को समुचित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देना किसी भी सरकार का कर्तव्य होता है। वर्तमान में हमारे बिहार के अस्पतालों में आर्थिक क्षमता के आधार पर सुविधाओं एवं गुणवत्ता में अंतर अशोभनीय ही नहीं अनुचित भी है। प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थान से लेकर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तक सरकार के नियंत्रण में होनी चाहिए। 'जागो' स्वास्थ्य के क्षेत्र में अराजक आर्थिक लूट का पुरजोर विरोध करती है एवं मानती है कि हर प्रकार के इलाज, दवा एवं जांच की दर सरकार द्वारा निर्धारित होनी चाहिए एवं इसके उल्लंघन पर कड़े अनुशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए। बिहार सरकार को पंचायत स्तर पर अनिवार्य रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ब्लॉक स्तर पर विभागवार डॉक्टरों की सुविधा के साथ अच्छे अस्पताल, जिला स्तर पर वेंटिलेटर और आधुनिक तकनीक से लैस मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल एवं प्रमंडल स्तर पर सभी संभाव्य तकनीक और संसाधनों से लैस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चलानी चाहिए।

रोजगार

हमारी बिहार की सबसे बड़ी सामर्थ्य यहां के युवा संसाधन हैं। लेकिन शिक्षा संकाय की सुसुप्त परिस्थितियों ने हमारे युवाओं के ऊर्जा को सटीक दिशा में संरेखित करने के बजाय उद्वेलित कर रखा है। युवाओं में शिक्षा का अलख जगा उन्हें रोजगार संभावना के आधार पर कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर विभिन्न अवसरों के लिए सुयोग्य बनाया जाना चाहिए। यदि योजनाबद्ध तरीके से रोजगार सृजन पर काम किया जाएगा तो हम अगले 10 से 15 वर्षों में प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट का सबसे बड़ा राज्य बन सकते हैं। बिहार राज्य में ज्यादा रोजगार के अवसर देने वाले उद्योगों को टैक्स में छूट देकर प्रोत्साहित करने चाहिए। तात्कालिक तौर पर सरकार को विभिन्न देशी-विदेशी कंपनियों को कॉल सेंटर/ प्रशासनिक सेटअप के लिए बिहार से आमंत्रण और माहौल देनी चाहिए।